डीपीसीसी और सीपीसीबी ने कहा दिल्ली में ऑड-इवन फॉर्मूला अप्रभावी

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DPCC and CPCB said the Odd-even Formula ineffective in Delhi

एनजीटी ने कहा कि केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) और दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) द्वारा पिछले विश्लेषण ने ऑड-इवन फॉर्मूला को अप्रभावी करार दिया था। दो प्रदूषण निगरानी दलों ने पाया कि जब ऑड-इवन फॉर्मूला लाया गया था तब भी पीएम 10 और पीएम 2.5 का स्तर पहले से अधिक था।

राष्ट्रीय ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने शुक्रवार को दिल्ली सरकार को बताया कि उन्हें ऑड-इवन फॉर्मूला को लागू नहीं करना चाहिए, जब तक कि वे संतुष्टि नहीं कर ले कि यह फॉर्मूला उपयोगी हैं या नहीं। वायु प्रदूषण के स्तर में वृद्धि के चलते AAP सरकार द्वारा पिछले साल इस योजना को लागू किया गया था, जो 13 नवम्बर से फिर से शुरू करनी थी।

एनजीटी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली एक पीठ ने कहा की "ऑड-इवन फॉर्मूला के उद्देश्य की सराहना की जानी चाहिए, लेकिन जिस तरीके से इसे लागू किया गया है वह अनुचित, अवैज्ञानिक और अक्षम है "

राष्ट्रीय ग्रीन ट्रिब्यूनल ने कहा कि शनिवार को एक विशेष बैठक होगी जिसमें दिल्ली सरकार को योजना के गुणों के बारे में समझने की इजाजत दी जाएगी और जवाब के साथ तैयार रहने के लिए कहा जाएगा। एनजीटी ने राज्य सरकार को यह भी कहा है कि पीएम2.5 का स्तर 300 से अधिक हो जाने पर इस योजना को स्वचालित रूप से लागू किया जाएगा।

ऑड-ईवेन फॉर्मूला को किसी सूत्र के तरह लगाया नहीं जा सकता है।  आप केवल लोगों को अधिक वाहन खरीदने और अधिक अंतर-राज्य यातायात की अनुमति देने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। जब तक आप यह साबित नहीं करते कि यह प्रतिकूल नहीं है, तब तक हम ऑड-ईवेन फॉर्मूला की अनुमति नहीं देंगे।

एनजीटी ने दिल्ली सरकार को उन योजनाओं के बारे में जानकारी देने के लिए भी कहा, जिन पर योजना बनाई गई है। - दिल्ली सरकार से बेंच ने कहा "अगर ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान की सिफारिश की जा रही थी - जिसके लिए पीएम10 के लिए 500 और पीएम 2.5 के लिए 300 तक पहुंचने वाले पैरामीटर लागू होंगे। जो पिछले तीन महीनों में थे जब प्रदूषण का स्तर था उस सीमा से नीचे पाया गया तो  odd even लागू नहीं किया जायगा।

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